क्या हम चुप रहें?

Resize of minelli's shoes.aspx_1.jpg anugunj.jpg११वीं ‘ अनुगूँज ‘

क्या हम चुप रहें?

परम पावन पुरूषोत्तम भगवान श्री राम चन्द्र जी की चरण पादुकाओं को उनके भ्राता श्री भरत जी ने शिरोधार्य कर समस्त राज्य का भार न्यायपूर्वक सम्भाला जो उदाहरण विश्व के लिये एक आदर्श बन गया है।

आप धर्म-निष्ट हों या धर्म-निरपेक्ष हों, यदि कोई श्री राम की पवित्र छवि को जूतों में स्थान दे तो किस का रक्त इस तिरस्कार पर खौल ना जाये? मस्तिष्क के सारे विचार और भावनायें एकत्रित हो कर इस घिनौने अपमान पर केन्द्रित हो जायेगा। आज रावण रूपी "फ्रैंच फ़ैशन ग्रुप मिनैली" कम्पनी श्री राम के चित्र को जूतों पर अंकित कर बाज़ार में बेच रहा है। पाश्चात्य देशों के एक विकसित राष्ट्र की सभ्यता का यह एक नमूना है।

यह हिन्दू-धर्म का ही अपमान नहीं है बल्कि मानवता पर भीषण आक्रमण है। समस्त विश्व के हिन्दू-समाज में रोष की लहर दौड़ जाना स्वाभाविक है। "मिनैली" कम्पनी के मालिकों को यह समझाने पर भी कि हिन्दू-समाज की धार्मिक भावनाओं और आध्यात्मिक विश्वास पर यह बड़ा आघात है, उन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। इन जूतियों का विक्रय बाज़ार में अभी भी उसी प्रकार जारी है।

मेरे एक भारतीय मुस्लिम मित्र का कहना हैः " ये मामला सिर्फ हिन्दुओं का नहीं है, इसका ताल्लुक़ दुनिया के हर ‘ इन्सान’ और इन्सानियत ‘ का है। इस गन्दे नाले की गन्दगी को दुनिया के हर मुल्क साथ मिल कर नहीं रोकेंगे तो एक दिन ये सैलाब की शक्ल में तबदील हो जायेगा। हर मज़हब के लोगों को इस में साथ देना चाहिये।"

हिन्दू मानव अधिकार (हिन्दू ह्यूमन राइट्स) के उपालम्भ को मिनैली ने हवा में उड़ा दी। यह तिरस्कार की सीमा से भी परे है। मिनैली के पदाधिकारी, प्रतिनिधि या प्रवक्ता हिन्दू ह्यूमन राइट्स से बात करने तक के लिये तैयार नहीं हैं। पत्र-व्यवहार की सूचना तक देना इस कम्पनी को गवारा नहीं है।

विश्व हिन्दू परिषद, यू. के. के अध्यक्ष डा.गिरिधारी भान का कहना है कि हमें आशा है कि सद्भावनाओं का आदर करते हुए, मिनैली इसके लिये क्षमा मांग कर इन जूतों की बिक्री पर रोक लगा देगी। इस से कम से कम यह तो प्रदर्शित होगा कि मिनैली ने गलती की थी तथा अब उस गलती को सुधारने की चेष्टा की है। यदि वे ऐसा करने को तैयार नहीं हैं तो उनके इरादों पर सन्देह रहेगा। कोई भी इस वास्तविकता को समझ सकता है कि उन की यह करतूत संकल्पित है। हिन्दू काउन्सिल ऑफ ब्रैण्ट (यू. के.) के अध्यक्ष, श्री बेनी लाल बघेला ने आलोचना करते हुए कहा कि यह प्रचलन सा हो गया है कि हिन्दू प्रतीकों का तिरस्कृत रूप में प्रयोग होता है। आज इस की आवश्यकता है कि कमर्शियल मैनुफैक्चरिंग कम्पनियां समझे कि इस अशिष्ट और असभ्य रवैये से हिन्दू समुदाय की भावनाओं को कितनी चोट पहुंची है।

इस प्रकार की अनैतिकता और उद्दण्डता आज पहली बार ही नहीं हुई है। एक बार लेसीज फुटवेयर नामक कम्पनी ने ‘ ‘ के पवित्र चिन्ह को और बी.बी.सी. के एक लोकप्रिय प्रोग्राम ‘ कॉरोनाशन स्ट्रीट ‘ में गणेश जी अपमान-जनक रूप में दर्शाये गये थे। हिन्दू फोरम ऑफ ब्रिटेन के अभियान स्वरूप उन्हों ने क्षमा मांग कर अपनी गलती को माना। ऐसे ही यहां की एक प्रसिद्ध जूतों की कम्पनी ने ‘अल्लाह ‘ के पवित्र नाम को जूतों में लगाने की दृष्टता की थी किन्तु शीघ्र ही क्षमा मांग कर बाज़ार की सब दुकानों से ऐसे जूते हटा लिये थे।

१२ जून २००५ को दोपहर १२ बजे से सांय ४ बजे तक यू.के. के हर कोने से लोग लन्दन में एकत्रित हो कर फ्रांस के दूतावास के भवन के बाहर अपने विरोध का प्रदर्शन करेंगे। यू.के. की सभी संस्थाओं तथा संगठनों ने मिनैली के विरोध-प्रदर्शन का समर्थन किया है जिन में ‘विश्व हिन्दू परिषद ‘, ‘दि नेशनल हिन्दू स्टूडेंट्स फोरम’, ‘दि हिन्दू यूथ, यू.के.’, ‘हिन्दू काउन्सिल, हैरो’ , ‘हिन्दू काउन्सिल ऑफ बरमिंघम’, ‘लैस्टर फैस्टिवल हिन्दू काउन्सिल’ , ‘हिन्दू काउन्सिल ऑफ दि नॉर्थ’ , ‘हिन्दू कल्चरल सोसाइटी’ आदि अनेक संस्थायें सम्मलित होंगी।

आज समस्त मानव-जाति चाहे वे हिन्दू हों या अन्य धर्म से संबन्धित हों, एक हो कर इस रावण रूपी मिनैली का भरसक विरोध करे जिस से भविष्य में किसी भी धर्म के आदर्शों की अपमान-जनक हरकतों का साहस ना कर पायें।

महावीर शर्मा

लन्दन, यू . के .

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2 Comments »

  1. 1
    Tarun Says:

    karya to ghinona kiya hai unhone, itna kuch karne ke baad bhi agar mieleni wale mil nahi rahe to humari sansthaon ko agrah karna chor dena chaiye. Jo laato ke bhoot hote hain woh baaton se nahi maante. Unka bhi to koi bhagwan (GOD) hoga, unki photo lo aur humare yehan juto (shoes) me chapo, phir dekho kaise phone aate hain, human rights, god rights, this rights, that rights, mieleni etc. ke nahi to us Mielni ke owner ka hi photo chapwa do juto mei…..mei murti poojak nahi hoon aur nahi hindu aur koi dharmvadi. Lekin agar koi humare logo ki or unki bhavnao ki kadr nahi kar sakta to mere liye jehan Ram or Ganesh ki jegah wohin saare God ki jegah………ek baat aur aapko photo kehan se mila jara link dijye…..

  2. 2
    Tarun Says:

    Mahavir ji, link ki jaroorat nahi hai, mil gaya aur vidroh apne english blog me post bhi kar diya.


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