Archive for July 22nd, 2009

प्राण शर्मा की लघु-कथा और तेजेंद्र शर्मा की कविता

July 22, 2009

प्राण शर्मा की लघु-कथा
पिंजरे के पंछी
—प्राण शर्मा
चंद्र प्रकाश के चार साल के बेटे को पंछियों से बेहद प्यार था। वह अपनी जान तक न्योछावर करने को तैयार रहता। ये सभी पंछी उसके घर के आंगन में जब कभी आते तो वह उनसे भरपूर खेलता। उन्हें जी भर कर दाने खिलाता। पेट भर कर जब पंछी [...]