27
Sep
Posted by महावीर in ग़ज़ल/नज़्म. 8 Comments
ग़ज़ल
चाँद शुक्ला हदियाबादी
Director
“Radio Sabrang”
Poet and Broadcaster.
Voelundsgade 11 1 TV
2200 N Denmark.
Tel: 0045-35833254
मैं वोह शीशा हूँ के पत्थर से भी टकरा जाऊँगा
संग दिल के शहर में अपने को मनवा जाऊँगा
पांव रखे जब अमीरे शहर मेरे गाँव में
उसका हर चेहरा ज़माने को मैं दिखला जाऊँगा
मोम की मानिंद बरफीला ज़माना हो भले
शिद्दते एहसास की [...]
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21
Sep
Posted by महावीर in कविता, ग़ज़ल/नज़्म, प्राण शर्मा. 14 Comments
प्राण शर्मा जी की दो रचनाएं :
प्राण शर्मा जी की रचनाएं पढ़ते हुए ऐसा लगने लगता है जैसे रचनाएं बोल रही हों।
प्राण जी एक दार्शनिक हैं और दर्शन जैसी गूढ़ रहस्यपूर्ण बातों को सरस और सरल
भाषा में लिखतें है जिससे पढ़ने वालों को समझने में परेशानी नहीं होती।
उनकी दो रचनाएं दे रहा हूं जिनमें [...]
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10
Sep
Posted by महावीर in कविता, महावीर शर्मा. 21 Comments
कविता पुरानी है किंतु कुछ शब्दों में संशोधन करके यहां दुबारा लिख रहा हूं। पुरानी
टिप्पणियां भी यथावत् नीचे दी गई हैं।
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लिख चुके प्यार के गीत [...]
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