Archive for June 22nd, 2008

छोटी सी बिंदिया ! -3 क्षणिकाए

छोटी सी बिंदिया ! -3 क्षणिकाएं
- महावीर शर्मा
दुलहन

अलसाये नयनों में निंदिया, भावों के झुरमुट मचलाए
घूंघट से मुख को जब खोला, आंखों का अंजन इतराए
फूल पर जैसे शबनम चमके,दुलहन के माथे पर बिंदिया।
मुस्काए माथे पर बिंदिया।

मुजरा

तबले पर ता थइ ता थैया, पांव में घुंघरू यौवन छलके

मुजरे में नोटों की वर्षा, बार बार ही आंचल [...]

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