विभिन्न देशों में वैलंटाइन दिवस
विभिन्न देशों में वैलंटाइन दिवस
विश्व के विभिन्न देशों में 14 फ़रवरी के दिन वैलंटाइन डे ज़ोर शोर से मनाया जाता है। प्रेमी और प्रेमिकाएं अपने हृदय के उद्गार व्यक्त करने के लिए नए नए विलक्षण तरीक़े ढूंढते हैं। अलग अलग देशों में इस दिवस पर प्रेम के इज़हार के ढंग उनकी सभ्यता और रिवाजों के रंगों में रंगते हुए अलग से ही रूप ले लेते हैं, जैसेः-
ये ख़ास दिन है प्रेमियों का, प्यार की बातें करो
कुछ तुम कहो कुछ वो कहे, इज़हार की बातें करो
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जब दो दिलों की धड़कनें इक गीत सा गाने लगें
आंखों में आंखें डाल कर इक़रार की बातें करो
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ये कीमती सा हार जो लाए हो वो रख दो कहीं
बाहें गले में डाल कर, इस हार की बातें करो
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जिस के लबों की मुस्कुराहट ने बदल दी ज़िंदगी
उस गुल बदन के होंट औ रुख्सार की बातें करो
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अब भूल जाओ हर जफ़ा, ये प्यार का दस्तूर है
राहे-मुहब्बत में वफ़ा-ए-यार की बातें करो
डेनमार्क में एक रिवाज के अनुसार लोग अपने मित्रों को दबे हुए स्नो ड्राप्स के फूल भेजते हैं। पुरुष हास्य-युक्त पत्र भी लिखते हैं जिसे डेनिश में गेकेब्रेव कहते हैं। अपने नाम के स्थान पर अपने नाम के अक्षरों की संख्या के बराबर ‘बिंदु’ लगा देते हैं। जिस महिला को यह पत्र मिलता है, वह बिंदुओं के अंकों से लिखने वाले का नाम ठीक बता दे तो उसे अप्रैल में ईस्टर-एग मिलता है।
स्कॉटलैण्ड में यह दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। अलग अलग जगहों में यह उत्सव
मनाने में थोड़ा थोड़ा अंतर हो जाता है। लेकिन साधारण रूप से, बराबर संख्या में पुरुष और महिलाएं छोटी छोटी पर्चियों पर अपने अपने नाम लिख देते हैं। एक हैट पुरुषों के लिए और दूसरा हैट महिलाओं के लिए रख दिया जाता है। पुरुष और महिलाएं अपने अपने हैट में यह पर्चियां रख देती हैं। प्रत्येक महिला पुरुषों के हैट में से एक पर्ची निकालती है और उस दिन दोनों साथी बन जाते हैं। पुरुष महिलाओं को उपहार देते हैं। यह आवश्यक नहीं कि वे दोनों गर्ल-फ्रेंड ही बन जाएं या उनका विवाह हो।
स्काटलैंड के कुछ भागों में एक और रिवाज है जो अब मिटता जा रहा है। उस दिन कोई भी युवक और युवती गली में या कहीं भी पहली बार मिले तो उस लड़की का वह युवक वैलंटाइन बन जाता है और दोनों ही एक दूसरे को अपने प्रेम-बंधन के टोकन के रूप में उपहार देते हैं।
जापान में वैलंनटाइन दो बार मनाया जाता है। 14 फरवरी को युवतियां युवकों को उपहार देती हैं। उस समय सब से सर्वप्रिय उपहार चाकलेट (गिरि-चोको) माना गया है। ‘तोमो-चोको’ भी गर्लफ्रेंड के लिए लोकप्रिय है। युवतियों की मान्यता है कि स्टोर से खरीदी हुई स्वीट्स सच्चे प्यार की द्योतक नहीं हैं। इसी लिए वे अपने वैलंटाइन के लिए अपने हाथों से बनाती हैं।
एक मास के पश्चात 15 मार्च जिसे ‘श्वेत दिवस’ कहा जाता है, दिए हुए उपहार को वापस लौटाया जाता है। इसी लिए लड़कियां १४ फरवरी के दिन बढ़िया से बढ़िया उपहार चुनती हैं।
कोरिया में बहुत कुछ जापान की ही तरह है लेकिन वहां दो दिन ना होकर तीन दिन वैलंटाइन दिवस के लिए रखे हैं। जापान की तरह युवतियां युवकों के लिए कैंडी (मिठाई) का उपहार देती हैं। 14 मार्च जो ‘श्वेत दिवस’ कहलाता है, युवक अपनी स्वीट-हार्ट के प्रति पहली बार अपने प्रेम को स्वीकार करते हैं। जिन लोगों का कोई प्रणय-संबंधी साथी नहीं होता है, उनके लिए 14 अप्रैल का दिन निश्चित किया गया है जिसे ‘काला दिवस’ कहते हैं। उस दिन ऐसे लोग इकट्ठे होकर जजांग नूडल्स खाते हैं जो काले रंग के होते हैं। इसी लिए इस दिन को ‘काला दिवस’ कहा गया है।
ताइवान में अन्य देशों की तरह ही 14 फरवरी के दिन वैलंटाइन मनाया जाता है, लेकिन फिर 7 जुलाई के दिन वैलंटाइन डे विशेष महत्व रखता है। इन दोनों दिनों पर पुरुष मूल्यवान गुलाब और अन्य फूलों के बूके अपनी स्वीट-हार्ट को देते हैं। फूलों की संख्या और रंग का एक विशेष अर्थ होता है। उदाहरणार्थ - एक गुलाब का अर्थ है ‘केवल एक प्रेमिका’, 11 गुलाब के फूलों का अर्थ है ‘प्रिय-पात्र’ और 99 गुलाब के फूलों का अर्थ है ‘हमेशा के लिए’ । 108 गुलाबों का अर्थ है, ‘मुझ से शादी करोगी ?’।
ब्रिटेन में भिन्न भिन्न स्थानों में अपने अपने रिवाजों के अनुसार वैलंटाइन डे मनाया जाता है। फिर भी कार्ड, फूल, चाकलेट और अन्य प्रकार के उपहार एक दूसरे को भेजना सामान्य है। पति और पत्नियां, गर्ल-फ्रेंड्स, एक दूसरे को, बच्चे अपने टीचर और माँ आदि को वैलंटाइन कार्ड और उपहार देते हैं। आजकल यह प्रवृत्ति भी है कि अखबारों और मैग्ज़ीनों में वैलंटाइन-कविताएं छापी जाती हैं। रोमांटिक गाने गाए जाते हैं। बच्चे भी वैलंटाइन के गाने गाते हैं और बदले में उन्हें कैंडी, फल, चाकलेट और कुछ धन-राशि भी उपहार में मिल जाती है। कहीं कहीं कुंवारी महिलाएं प्रातः जल्दी उठ जाती हैं और अपनी खिड़की के पास होकर सड़क पर गुजरते हुए व्यक्तियों को निहारती हैं। वह समझती हैं कि जो पहला व्यक्ति दिखाई देगा, वही भविष्य में उसका पति बनेगा।
किसी हद तक यहां प्रत्येक लड़की का कोई ना कोई बॉय-फ़्रैंड होता ही है, इसलिए आज के समय में इसे मजाक के रूप में ही लिया जाता है।
महावीर शर्मा






