Archive for January 23rd, 2007

जब वतन छोड़ा……महावीर शर्मा

जब वतन छोड़ा……
महावीर शर्मा
जब वतन छोड़ा, सभी अपने पराए हो गए
आंधी कुछ ऐसी चली नक़्शे क़दम भी खो गए
खो गई वो सौंधि सौंधी देश की मिट्टी कहां ?
वो शबे-महताब दरिया के किनारे खो गए
बचपना भी याद है जब माँ सुलाती थी मुझे

आज सपनों में उसी की गोद में हम सो गए
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