‘दिल की गीता’
महावीर शर्मा
घूमते घामते एक पुरानी किताबों की दुकान के भीतर चला गया। शेल्फ़ पर एक उर्दू की किताब पर निगाह अटक गई जिसकी जिल्द भी काफी पुरानी सी थी। कवर पर उर्दू में लिखा था:
‘दिल’ की गीता
उर्दू नज़्म में
ख़्वाजा दिल मुहम्मद एम.ए.
खोल कर [...]









