Archive for November, 2006

“ मुहब्बत ” ?महावीर शर्मा

“ मुहब्बत ” ?
मुहब्बत लफ़्ज़ सुनते ही हर दिल में एक ख़याली बिजली सी कौंध जाती है। शायरों ने अपने अपने अंदाज़ में मुहब्बत का इज़हार किया है। तो मुलाहज़ा फ़रमाइयेः
बहज़ाद साहब मुहब्बत की पहचान इस अंदाज़ में कराते हैं;
"अश्कों को मिरे लेकर दामन पर ज़रा जांचो, [...]

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