Archive for April, 2006

एक परिचय – लावण्या शाह

April 20, 2006

एक परिचय – लावण्या शाह
जब समाज में विशृंखलता उत्पन्न होकर गति रुद्ध हो जाती है, ऐसे समय में उस गति-रुद्धता को मिटा कर
पारस्परिक सहयोग एवं समानता का वातावरण बनाने के लिए कवि की वाणी विशेष महत्व रखती है। भावों का कोश वाणी के प्रतीकों द्वारा ह्रदयगत अनुभूतियों को व्यक्त करने में दक्ष स्व० पंडित नरेंद्र [...]