ससुराल से पाती आई है !
ससुराल से पाती आई है !
बहुत हुए मैके में ही, सच तनिक न तबियत लगती है
भैया भाभी सो जाते हैं, लेकिन यह विरहन जगती है
कमरे की बन्द किवाङों से, मीठे मीठे स्वर आते हैं
वे प्यार की बातें करते हैं, अरमान मेरे जग जाते हैं
विश्वास करो मैं [...]
Archive for May, 2005
18 May









