Archive for April, 2005

“हम गधे हैं” – नीरज त्रिपाठी

‘ हम गधे हैं ‘ [...]

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सौ वर्ष बीत गये

*सौ वर्ष बीत गये*
सामान्यतः लेखक नारी के सौन्दर्य अथवा उसके असाधारण और अद्भुत कार्यों पर अपने विचारों को लेखनी से निकलते हुए शब्दों को पाठकों तक पहुंचाने के लिये किसी सुप्रसिद्ध महत्वपूर्ण महिला को ही अपने विषय का आधार बनाता है। झांसी की रानी, अहिल्या बाई, चाँद बीबी, जोन आफ आर्क – कितने ही उदाहरण [...]

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इधर उधर से

२४ अप्रैल २००५
लन्दन में वैसाखी का उत्सवः की सड़कों पर पारंपरिक वेश-भूषा से सुसज्जित ‘पञ्ज प्यारों’ की अगुआई में शानदार जुलूस निकलेगा और प्रसिद्ध ट्रफाल्गर स्क्वेयर में दिन के ११.३० बजे धार्मिक कार्य-क्रम चलेगा। इसके अतिरिक्त भारतीय संगीत, लंगर (मुफ्त भोजन) और रंगा-रंग [...]

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इधर उधर से

जॉन पॉल द्वितीय का निधन
८४ वर्षीय कैथलिक ईसाई के धर्म गुरु जॉन पॉल द्वितीय का शनिवार, २ अप्रैल २००५ को
स्थानीय समयानुसार रात के ९. ३७ बजे वेटिकन सिटी में उनके आवास में निधन हो गया।
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ब्रिटिश पार्लियामेन्ट में श्री राम नवमी
हाउस आफ कॉमन्स (ब्रिटिश पार्लियामेन्ट) में १५ मार्च २००५ के दिवस पहली बार [...]

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