तुम आना !
आसमान की हथेली से जब सूरज फिसलने लगे कत्थई रंग में जब शाम अपने को रंगने लगे अरमान मचलने से लगे लबों की थिरकन दिल की धड़कन बन तुम को आवाज़ दे तुम आना !
दस्तक दे कर दिल पे और मैं [...]
25 Jan
तुम आना !
आसमान की हथेली से जब सूरज फिसलने लगे कत्थई रंग में जब शाम अपने को रंगने लगे अरमान मचलने से लगे लबों की थिरकन दिल की धड़कन बन तुम को आवाज़ दे तुम आना !
दस्तक दे कर दिल पे और मैं [...]