Archive for August 20th, 2004

उनकी अदा

मेरी यह नज़म उर्दू “मिलाप” साप्ताहिक (लन्दन) में 12. 7. 1967 के अंक में प्रकाशित हुई थी ।
“उनकी अदा” (एक बेतुकी कविता)

करके वादा भूल जाना, है अदा है ये ख़ास उनकी
गर दिलाया याद [...]

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